ई-टेंडर के लिए DSC Class 3
साइनिंग और एन्क्रिप्शन वाला Class 3 डिजिटल सिग्नेचर, CPPP और राज्य ई-टेंडर पोर्टल के लिए ज़रूरी।
डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) आपका कानूनी इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर है। ज़्यादातर ई-टेंडर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और बिड जमा करने के लिए साइनिंग और एन्क्रिप्शन दोनों वाला Class 3 DSC चाहिए। हम लाइसेंस प्राप्त Certifying Authority के माध्यम से DSC जारी करवाते हैं, और सर्टिफिकेट व USB टोकन आपके पास रहता है।
| हमारी सर्विस फीस | शुरुआत ₹2,000 + GST |
|---|---|
| सरकारी / पोर्टल फीस | हमारी फीस में शामिल (सर्टिफिकेट और टोकन) |
| आमतौर पर लगने वाला समय | वेरिफिकेशन के बाद आमतौर पर उसी दिन से 2 कार्यदिवस |
Class 3 DSC के बारे में
डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट आपके सिग्नेचर का इलेक्ट्रॉनिक रूप है, जिसे कंट्रोलर ऑफ सर्टिफाइंग अथॉरिटीज़ (CCA) से लाइसेंस प्राप्त सर्टिफाइंग अथॉरिटी जारी करती है। ई-टेंडर पोर्टल पर इसके दो काम हैं: साइनिंग, जो साबित करता है कि बिड आपकी है, और एन्क्रिप्शन, जो बिड खुलने के समय तक उसे सील रखता है। इसलिए ज़्यादातर पोर्टल दोनों वाला Class 3 सर्टिफिकेट मांगते हैं, जिसे कॉम्बो DSC भी कहते हैं।
यह क्यों ज़रूरी है
वैध DSC के बिना आप CPPP या राज्य पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकते और बिड जमा नहीं कर सकते। सबमिशन के दिन DSC का एक्सपायर होना डेडलाइन चूकने की सबसे आम वजहों में से है। प्रकार भी मायने रखता है: ऑर्गनाइज़ेशन DSC में फर्म का नाम होता है, जिसे कुछ टेंडर पसंद करते हैं, जबकि इंडिविजुअल DSC साइन करने वाले के अपने नाम पर होता है।
हम कैसे करते हैं, कदम दर कदम
- प्रकार चुनना: इंडिविजुअल या ऑर्गनाइज़ेशन, सिर्फ साइनिंग या साइनिंग + एन्क्रिप्शन, और 1, 2 या 3 साल की वैधता।
- आवेदन: आपकी जानकारी से आवेदन भरते हैं और पेपरलेस eKYC शुरू करते हैं।
- वेरिफिकेशन: आप मोबाइल, ईमेल और छोटा वीडियो वेरिफिकेशन पूरा करते हैं; ज़रूरत हो तो हम कॉल पर साथ रहते हैं।
- जारी और टोकन: सर्टिफिकेट FIPS मानक वाले USB टोकन में डाउनलोड होकर आपको मिलता है।
- सेटअप: आपके कंप्यूटर पर रिमोट से टोकन ड्राइवर और साइनिंग यूटिलिटी इंस्टॉल करके पोर्टल पर टेस्ट करते हैं।
आम गलतियां जो हम रोकते हैं
- पोर्टल को एन्क्रिप्शन भी चाहिए, फिर भी सिर्फ साइनिंग DSC खरीद लेना
- DSC का नाम पोर्टल पर रजिस्टर्ड नाम से मेल न खाना
- चालू टेंडर के बीच DSC एक्सपायर हो जाना
- टोकन या PIN दूसरों से शेयर करना
जारी होने के बाद
टोकन और PIN आपके पास रहते हैं। हम आपकी एक्सपायरी तारीख नोट करते हैं और रिन्यूअल से पहले याद दिलाते हैं, ताकि सबमिशन के दिन आप बिना वैध DSC के न रहें।
किसके लिए ज़रूरी है
- CPPP या राज्य ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर बिड करने वाले
- फर्म और कंपनियों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता
- जिनका पुराना DSC एक्सपायर हो गया है
हम क्या करते हैं
- सही प्रकार चुनने में मदद: व्यक्तिगत या संस्था, साइनिंग या कॉम्बो
- आवेदन और पेपरलेस eKYC आपके साथ पूरा करना
- वीडियो वेरिफिकेशन में मदद
- USB टोकन देना और रिमोट से ड्राइवर इंस्टॉल करना
ज़रूरी दस्तावेज़
- PAN कार्ड
- Aadhaar कार्ड (eKYC के लिए)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- ईमेल और मोबाइल नंबर
- संस्था के DSC के लिए: GST सर्टिफिकेट और ऑथराइज़ेशन लेटर
अंतिम सूची आपके बिज़नेस के प्रकार और पोर्टल के मौजूदा नियमों पर निर्भर है। काम शुरू करने से पहले हम इसे कन्फर्म करते हैं।
आम सवाल
ई-टेंडर के लिए कौन सा DSC चाहिए?
ज़्यादातर पोर्टल पर साइनिंग और एन्क्रिप्शन दोनों वाला Class 3 DSC चाहिए (कॉम्बो DSC)। आप जिस पोर्टल पर बिड करेंगे, उसके लिए हम कन्फर्म करते हैं।
DSC कितने समय तक वैध रहता है?
आप 1, 2 या 3 साल चुन सकते हैं। लंबी वैधता थोड़ी महंगी है लेकिन रिन्यूअल का झंझट कम होता है।
क्या आप मेरा DSC टोकन अपने पास रखेंगे?
नहीं। टोकन आपका है। हस्ताक्षर की ज़रूरत होने पर हम रिमोट सेशन से काम करते हैं।
संबंधित गाइड
बताएं आपको क्या चाहिए
अपनी ज़रूरत भेजें, हम ज़रूरी दस्तावेज़ और तय कोटेशन के साथ जवाब देंगे।
- WhatsApp+91 92506 26520
- कामकाजी समयसोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे
- ऑफिसB 3/354-5-3-C-1, Ravindra Puri Road, Ravindrapuri, Varanasi, Uttar Pradesh 221001