L1: सबसे कम कीमत जीतती है
ज़्यादातर सामान के टेंडर L1 से तय होते हैं। पहले बिड की पात्रता और टेक्निकल कम्प्लायंस जांची जाती है। योग्य बिड में सबसे कम मूल्यांकित कीमत (L1) को ऑर्डर मिलता है, MSE और मेक इन इंडिया जैसी प्राथमिकताओं के अधीन।
- हर टेक्निकल शर्त पूरी होनी चाहिए; कम कीमत से नॉन-कम्प्लायंट बिड नहीं बचती।
- "मूल्यांकित कीमत" में टैक्स, भाड़ा या टेंडर में बताए अन्य तत्व शामिल हो सकते हैं।
QCBS: क्वालिटी और कीमत दोनों
क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सिलेक्शन कंसल्टेंसी और कुछ सेवाओं में आम है। हर बिड को टेक्निकल और फाइनेंशियल स्कोर मिलता है, जिन्हें टेंडर में तय वज़न से जोड़ा जाता है, जैसे 70% टेक्निकल और 30% फाइनेंशियल। सबसे ज़्यादा संयुक्त स्कोर वाला जीतता है।
- टेक्निकल प्रस्ताव (टीम, तरीका, पिछले प्रोजेक्ट) कीमत जितना ही ज़रूरी है।
- मार्किंग स्कीम पढ़ें और हर स्कोरिंग पॉइंट के सामने दस्तावेज़ दें।
कैसे पता करें कौन सा लागू है
टेंडर दस्तावेज़ में "evaluation criteria" या "method of selection" वाला हिस्सा देखें। उसमें तरीका, और QCBS हो तो वज़न, लिखा होता है।
स्रोत
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