केंद्र सरकार के खरीदार GeM पर खरीद के लिए जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR) 2017 के नियम 149 का पालन करते हैं। 2024 के संशोधन में ये सीमाएं बढ़ाई गईं।
| खरीद की वैल्यू | तरीका | सेलर के लिए मतलब |
|---|---|---|
| ₹50,000 तक | डायरेक्ट परचेज़ | खरीदार क्वालिटी, स्पेसिफिकेशन और डिलीवरी पूरी करने वाले किसी भी सेलर से ऑर्डर कर सकता है। अच्छा कैटलॉग और सही कीमत सबसे ज़रूरी। |
| ₹50,000 से ₹10 लाख | L1 परचेज़ | खरीदार कम से कम तीन मैन्युफैक्चरर के ऑफर की तुलना कर सबसे कम कीमत वाले सेलर से खरीदता है। बिड या RA भी हो सकता है। |
| ₹10 लाख से ऊपर | बिड / रिवर्स ऑक्शन | ऑनलाइन बिड या रिवर्स ऑक्शन अनिवार्य। दस्तावेज़ और पात्रता तय करते हैं कि कौन योग्य है। |
आपके लिए मतलब
- छोटे ऑर्डर कैटलॉग से आते हैं। लिस्टिंग पूरी और कीमत प्रतिस्पर्धी रखें।
- बड़े ऑर्डर बिड से आते हैं। अपनी कैटेगरी की बिड रोज़ देखें और दस्तावेज़ तैयार रखें।
- राज्य सरकार के खरीदार अपने राज्य के नियम मान सकते हैं, इसलिए सीमाएं अलग हो सकती हैं।
स्रोत
SoftTender एक प्राइवेट कंसल्टेंसी है। हमारा GeM, CPPP, NSIC या किसी भी सरकारी विभाग से कोई संबंध नहीं है। GeM जैसे सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन मुफ्त है; हम केवल अपनी सहायता सेवा का शुल्क लेते हैं। हम किसी भी टेंडर के मिलने की गारंटी नहीं देते।